काशीराम की तुलना अंबेडकर से करना निंदनीय : मास्टर राजू

अखिल भारतीय महादलित समाज के संयोजक एवं शिक्षाविद् मास्टर राजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा सुप्रीमो कुमारी मायावती द्वारा अभी हाल ही में बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक काशीराम की तुलना संविधान निर्माता डा0 भीम राव अंबेडकर से करना निंदनीय है। इसकी जितनी शब्दों में की जाए उतनी कम है क्योंकि डा0 अंबेडकर ने देश के सभी दलित जातियों के स्तर को उंचा उठाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी लेकिन काशीराम व मायावती ने अपने शाासन में दलितों में सिर्फ एक ही जाति को उपर उठाने का कार्य किया है। उत्तर प्रदेश में राजनाथ सिंह ने दलित वर्गीकरण ए और बी बनाए थे ताकि सभी दलित जातियों का उत्थान हो सके। लेकिन मायावती ने अपने शासन में आते ही सबसे पहले दलित वर्गीकरण समाप्त कर दिया ताकि एक विशेष दलित जाति को फायदा मिल सके। लोकसभा व राज्यसभा में मायावती ने आज तक महादलित नेताओं को कभी नहीं भेजा। मायावती राष्टीय स्तर पर दलित समाज के हितों की बात करती है लेकिन सत्ता में आने पर वह केवल एक ही दलित समाज को राजनीतिक लाभ देती है।

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